Yuva Diwas 12 January 2026: ऐतिहासिक ‘सामूहिक सूर्य नमस्कार’, जानिए 12 आसनों की विधि, मंत्र और MP Govt का पूरा आदेश (Complete Guide)

एक नई ऊर्जा का आगाज (The Beginning of New Energy)

Yuva Diwas 12 January 2026 : भारत, जिसे युवाओं का देश कहा जाता है, अपनी प्राचीन परंपराओं और आधुनिक सोच के संगम के लिए जाना जाता है। हर साल की तरह, इस साल भी 12 जनवरी का दिन भारत के इतिहास और भविष्य दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दिन है उस महामानव के जन्म का, जिन्होंने पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति की महानता से परिचित कराया—स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

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उनके जन्मदिवस को पूरे भारत में “राष्ट्रीय युवा दिवस” (National Youth Day) के रूप में मनाया जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छात्रों और युवाओं के लिए यह दिन और भी खास होने वाला है। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग (MP School Education Department) ने वर्ष 2026 के लिए एक विशेष आदेश जारी किया है, जिसके तहत प्रदेश भर के स्कूलों और कॉलेजों में “सामूहिक सूर्य नमस्कार” (Mass Surya Namaskar) का भव्य आयोजन किया जाएगा।

क्या आप जानते हैं कि इस साल के सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में क्या बदलाव किए गए हैं? क्या आप जानते हैं कि सूर्य नमस्कार की वो 12 मुद्राएं कौन सी हैं जो आपके शरीर और दिमाग को लोहे जैसा मजबूत बना सकती हैं? अगर आप एक छात्र हैं, शिक्षक हैं, या एक अभिभावक हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए एक संपूर्ण गाइड (Ultimate Guide) है। इस लेख में हम न केवल सरकारी आदेश की बारीकियों को समझेंगे, बल्कि सूर्य नमस्कार के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे।

1. MP Govt Order 2026: कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा (Detailed Program Schedule)

मध्य प्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक 03/2026/20-2 (दिनांक 02/01/2026) के अनुसार, “युवा दिवस” के उपलक्ष्य में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन एक निश्चित प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा। यह आयोजन केवल एक व्यायाम सत्र नहीं, बल्कि अनुशासन और एकता का प्रतीक होगा।

महत्वपूर्ण तिथियां और समय (Key Dates and Timing)

  • दिनांक (Date): 12 जनवरी 2026 (सोमवार)
  • समय (Time): प्रातः 9:00 बजे से 10:30 बजे तक
  • स्थान (Venue): प्रदेश के सभी शासकीय (Government) और अशासकीय (Private) विद्यालय, महाविद्यालय, ग्राम पंचायत भवन, और आश्रमशालाएं। जिन स्कूलों में मैदान नहीं है, वे अपने नजदीकी स्कूल या सार्वजनिक मैदान में शामिल होंगे।

मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम (Minute-to-Minute Schedule)

शासन ने कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक समय सारिणी निर्धारित की है। सभी संस्थाओं को इसका कड़ाई से पालन करना होगा:

  1. प्रातः 9:00 बजे – एकत्रीकरण (Assembly): सभी विद्यार्थी, शिक्षक, और अतिथि मैदान में निर्धारित स्थान पर एकत्रित होंगे। कतारें सीधी बनाई जाएंगी ताकि सूर्य नमस्कार करने में किसी को बाधा न हो।
  2. प्रातः 9:15 बजे – राष्ट्रगीत एवं गान: कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक रूप से ‘वन्दे मातरम’ (National Song) और मध्य प्रदेश गान’ (MP Anthem) के गायन से होगी। यह वातावरण में देशभक्ति का संचार करेगा।
  3. प्रातः 9:30 बजे – मुख्यमंत्री का संदेश: आकाशवाणी (Radio) के माध्यम से प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी का रिकॉर्डेड संदेश (Recorded Message) प्रसारित किया जाएगा। इसमें स्वामी विवेकानंद के विचारों पर प्रकाश डाला जाएगा।
  4. प्रातः 9:45 बजे – सूर्य नमस्कार का आरंभ: एक विशेष संकेत (Signal) पर पूरे प्रदेश में एक साथ सूर्य नमस्कार की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें 1 से 12 की गिनती (Counting) के साथ आसनों का अभ्यास कराया जाएगा।
  5. प्रातः 10:15 बजे – प्राणायाम: सूर्य नमस्कार के बाद शरीर को शिथिल करने और सांसों को नियंत्रित करने के लिए अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम किया जाएगा।
  6. प्रातः 10:30 बजे – समापन: आभार प्रदर्शन और विसर्जन।

2. स्वामी विवेकानंद और युवा दिवस का महत्व (Significance of Swami Vivekananda & Youth Day)

12 जनवरी को ही युवा दिवस क्यों मनाया जाता है? इसके पीछे एक गहरा अर्थ है। स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। वे केवल एक संत नहीं थे, बल्कि एक क्रांतिकारी विचारक थे जिन्होंने युवाओं को “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” का मंत्र दिया।

युवाओं के लिए प्रेरणा (Inspiration for Youth)

आज के दौर में जब युवा तनाव (Stress), अवसाद (Depression) और दिशाहीनता (Lack of Direction) का शिकार हो रहे हैं, स्वामी जी के विचार संजीवनी बूटी का काम करते हैं।

  • आत्मविश्वास (Self-Belief): स्वामी जी कहते थे, “अगर आपको खुद पर भरोसा नहीं है, तो आप ईश्वर पर भी भरोसा नहीं कर सकते।”
  • शारीरिक शक्ति (Physical Strength): उन्होंने कहा था, “गीता पढ़ने से पहले फुटबॉल खेलो,” जिसका अर्थ था कि एक कमजोर शरीर में महान विचार नहीं टिक सकते। इसीलिए युवा दिवस पर सूर्य नमस्कार जैसा शारीरिक अभ्यास रखा गया है।

3. सूर्य नमस्कार: 12 आसनों की संपूर्ण विधि और लाभ (The 12 Asanas of Surya Namaskar: Steps & Benefits)

सूर्य नमस्कार (Sun Salutation) योग का एक पूर्ण पैकेज है। यह 12 स्थितियों का एक क्रम है जो शरीर के हर अंग, ग्रंथि (Gland) और मांसपेशी (Muscle) को सक्रिय करता है। आदेश के अनुसार, इन 12 मुद्राओं का अभ्यास किया जाना है। आइए, हर एक मुद्रा को गहराई से समझें।

(नोट: हर मुद्रा के साथ एक विशिष्ट मंत्र का उच्चारण भी मन में किया जा सकता है, जो सूर्य के 12 नामों को दर्शाता है।)

Yuva Diwas 12 January 2026

स्थिति 1: प्रार्थना मुद्रा (Pranamasana – Prayer Pose)

  • मंत्र: ॐ मित्राय नमः (Om Mitraya Namaha)
  • विधि: सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों को पास लाएं। हाथों को छाती के सामने जोड़कर नमस्कार की मुद्रा बनाएं। कंधों को ढीला छोड़ें और आंखें बंद करें। पूरा ध्यान सूर्य देव पर केंद्रित करें।
  • लाभ (Benefits): यह मुद्रा मन को शांत करती है और शरीर का संतुलन (Balance) बनाती है। यह नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करती है।

स्थिति 2: हस्त उत्तानासन (Hastauttanasana – Raised Arms Pose)

  • मंत्र: ॐ रवये नमः (Om Ravaye Namaha)
  • विधि: सांस भरते (Inhale) हुए दोनों हाथों को कानों से सटाते हुए ऊपर उठाएं। कमर से ऊपरी हिस्से को पीछे की ओर झुकाएं। बाजुओं और गर्दन को तानें।
  • लाभ: यह फेफड़ों की क्षमता (Lung Capacity) बढ़ाता है, पाचन में सुधार करता है और पेट की अतिरिक्त चर्बी को खींचता है।

स्थिति 3: पादहस्तासन (Hastapadasana – Hand to Foot Pose)

  • मंत्र: ॐ सूर्याय नमः (Om Suryaya Namaha)
  • विधि: सांस छोड़ते (Exhale) हुए कमर से नीचे झुकें। ध्यान रहे, घुटने सीधे रहें। अपनी हथेलियों को पैरों के दोनों ओर जमीन पर टिकाने की कोशिश करें। यदि संभव हो तो माथे को घुटनों से स्पर्श कराएं।
  • लाभ: यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, कब्ज (Constipation) दूर करता है और दिमाग में रक्त संचार बढ़ाता है, जिससे याददाश्त तेज होती है।

स्थिति 4: अश्व संचालनासन (Ashwa Sanchalanasana – Equestrian Pose)

  • मंत्र: ॐ भानवे नमः (Om Bhanave Namaha)
  • विधि: सांस भरते हुए दाहिना पैर (Right Leg) पीछे ले जाएं। दाहिना घुटना जमीन पर टिकाएं। बाएं पैर को दोनों हथेलियों के बीच रखें। गर्दन को ऊपर उठाकर आकाश की ओर देखें।
  • लाभ: यह पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है और लिवर-किडनी को स्वस्थ रखता है। आत्मविश्वास बढ़ाता है।

स्थिति 5: पर्वतासन (Parvatasana – Mountain Pose)

  • मंत्र: ॐ खगाय नमः (Om Khagaya Namaha)
  • विधि: सांस छोड़ते हुए बाएं पैर को भी पीछे ले जाएं। शरीर को बीच से ऊपर उठाएं ताकि अंग्रेजी के उल्टे ‘V’ जैसा आकार बने। एड़ियों को जमीन पर टिकाने की कोशिश करें और नजर नाभि (Navel) पर रखें।
  • लाभ: यह बांहों और कंधों को मजबूत करता है। शरीर की थकान मिटाता है और कद (Height) बढ़ाने में सहायक है।

स्थिति 6: अष्टांग नमस्कार (Ashtanga Namaskara – Salute with Eight Parts)

  • मंत्र: ॐ पूष्णे नमः (Om Pushne Namaha)
  • विधि: सांस रोककर (Hold Breath) घुटने, छाती और थोड़ी (Chin) को जमीन पर स्पर्श करें। कूल्हे (Hips) थोड़े ऊपर उठे रहेंगे। शरीर के आठ अंग जमीन को छूते हैं।
  • लाभ: यह अहंकार को नष्ट करने का प्रतीक है। यह पीठ और रीढ़ को मजबूत करता है।

स्थिति 7: भुजंगासन (Bhujangasana – Cobra Pose)

  • मंत्र: ॐ हिरण्यगर्भाय नमः (Om Hiranyagarbhaya Namaha)
  • विधि: सांस भरते हुए छाती को आगे की ओर खिसकाएं और सिर को ऊपर उठाएं, जैसे सांप फन फैलाता है। कोहनियां थोड़ी मुड़ी रह सकती हैं। आकाश की ओर देखें।
  • लाभ: यह कमर दर्द के लिए रामबाण है। थायराइड ग्रंथि को सक्रिय करता है और श्वसन तंत्र को मजबूत बनाता है।

स्थिति 8: पर्वतासन (Parvatasana)

  • मंत्र: ॐ मरीचये नमः (Om Marichaye Namaha)
  • विधि: सांस छोड़ते हुए वापस स्थिति 5 की तरह पर्वतासन में आएं।
  • लाभ: रक्त प्रवाह को विपरीत दिशा में करता है, जिससे त्वचा में चमक आती है।

स्थिति 9: अश्व संचालनासन (Ashwa Sanchalanasana)

  • मंत्र: ॐ आदित्याय नमः (Om Adityaya Namaha)
  • विधि: सांस भरते हुए वही पैर (दाहिना) आगे लाएं जो पहले पीछे ले गए थे। (या क्रम अनुसार पैर बदलें)। गर्दन ऊपर की ओर।
  • लाभ: शरीर का लचीलापन बढ़ाता है।

स्थिति 10: पादहस्तासन (Hastapadasana)

  • मंत्र: ॐ सवित्रे नमः (Om Savitre Namaha)
  • विधि: सांस छोड़ते हुए दूसरे पैर को भी आगे लाएं और स्थिति 3 की तरह झुकें।
  • लाभ: जांघों और पिंडलियों को मजबूत करता है।

स्थिति 11: हस्त उत्तानासन (Hastauttanasana)

  • मंत्र: ॐ अर्काय नमः (Om Arkaya Namaha)
  • विधि: सांस भरते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और पीछे झुकें (स्थिति 2 की तरह)।
  • लाभ: पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है।

स्थिति 12: प्रार्थना मुद्रा (Pranamasana)

  • मंत्र: ॐ भास्कराय नमः (Om Bhaskaraya Namaha)
  • विधि: सांस छोड़ते हुए वापस सीधे खड़े हो जाएं और नमस्कार की मुद्रा में आएं।
  • लाभ: यह चक्र को पूरा करता है और मन को शांति प्रदान करता है।

4. छात्रों के लिए सूर्य नमस्कार के 5 जादुई फायदे (Top 5 Benefits for Students)

छात्रों के लिए यह अभ्यास किसी वरदान से कम नहीं है। MP Govt का उद्देश्य केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि इसे जीवनशैली बनाना है।

  1. एकाग्रता और याददाश्त (Concentration & Memory): सूर्य नमस्कार मस्तिष्क में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है। इससे छात्रों को पाठ जल्दी याद होता है और पढ़ाई में मन लगता है।
  2. तनाव मुक्ति (Stress Relief): परीक्षा के दिनों में छात्रों को बहुत तनाव होता है। सूर्य नमस्कार कोर्टिसोल (Stress Hormone) को कम करता है और डोपामाइन (Happy Hormone) बढ़ाता है।
  3. आंखों की रोशनी (Eyesight): नियमित अभ्यास से आंखों की रोशनी तेज होती है।
  4. लचीलापन और स्टैमिना (Flexibility & Stamina): घंटों बैठकर पढ़ने से शरीर अकड़ जाता है। यह शरीर को लचीला बनाता है और आलस्य दूर भगाता है।
  5. इम्यूनिटी बूस्टर (Immunity Booster): सर्दी के मौसम में (जनवरी में) सूर्य नमस्कार शरीर में गर्मी पैदा करता है और बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है।

5. आयोजन संबंधी नियम और निर्देश (Rules & Guidelines by MP Govt)

सरकारी आदेश में कुछ सख्त निर्देश दिए गए हैं जिनका पालन सभी स्कूलों और छात्रों को करना होगा:

A. सहभागिता (Participation Eligibility)

  • कक्षा 6 से 12 एवं कॉलेज: मुख्य सूर्य नमस्कार में केवल कक्षा 6वीं से 12वीं तक के स्कूली छात्र और महाविद्यालयीन विद्यार्थी भाग लेंगे।
  • कक्षा 1 से 5 (Primary Students): छोटे बच्चों की हड्डियों और मांसपेशियों का विकास हो रहा होता है, इसलिए कक्षा 1 से 5 के बच्चों को सूर्य नमस्कार नहीं करना है। वे केवल दर्शक दीर्घा में बैठकर इसे देखेंगे।

B. स्वैच्छिक प्रकृति (Voluntary Nature)

यह आयोजन पूरी तरह से स्वैच्छिक (Voluntary) है। किसी भी छात्र को जबरदस्ती भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। हालांकि, इसके लाभों को देखते हुए छात्रों को प्रेरित किया जाना चाहिए।

C. ड्रेस कोड (Dress Code)

सभी विद्यार्थी अपनी स्कूली गणवेश (School Uniform) या ट्रैक सूट (Track Suit) में उपस्थित होंगे। आरामदायक कपड़े पहनना जरूरी है ताकि योगासन में दिक्कत न हो।

D. व्यवस्था (Arrangements)

  • मैदान समतल और साफ होना चाहिए।
  • चूने की मार्किंग (Line Marking) पहले से होनी चाहिए ताकि कतारें सीधी रहें।
  • मंच पर स्वामी विवेकानंद जी का चित्र और साउंड सिस्टम की व्यवस्था अनिवार्य है।

6. शिक्षकों और प्राचार्यों की भूमिका (Role of Teachers & Principals)

स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि:

  • कार्यक्रम से पहले छात्रों को सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया जाए।
  • अस्वस्थ छात्रों (Sick Students) की पहचान कर उन्हें भाग लेने से रोका जाए।
  • कार्यक्रम के दौरान अनुशासन बना रहे।
  • कार्यक्रम के बाद छात्रों को इसके लाभों के बारे में बताया जाए और इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाए।

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7. Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: क्या 12 जनवरी को सूर्य नमस्कार करना अनिवार्य (Compulsory) है?

Ans: नहीं, सरकारी आदेश के बिंदु क्रमांक 14 के अनुसार, यह कार्यक्रम पूर्णतः स्वैच्छिक (Voluntary) है।

Q2: सूर्य नमस्कार किस दिशा में करना चाहिए?

Ans: सूर्य नमस्कार हमेशा पूर्व दिशा (East Direction) की ओर मुख करके करना चाहिए, जिधर से सूर्य उगता है।

Q3: क्या लड़कियां मासिक धर्म (Periods) के दौरान सूर्य नमस्कार कर सकती हैं?

Ans: योग विशेषज्ञों के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान भारी व्यायाम या सूर्य नमस्कार से बचना चाहिए। छात्राएं इस दौरान दर्शक के रूप में शामिल हो सकती हैं।

Q4: सूर्य नमस्कार कितनी बार करना चाहिए?

Ans: युवा दिवस के कार्यक्रम में आमतौर पर सांकेतिक रूप से 12 चक्र या समय सीमा के अनुसार अभ्यास कराया जाता है। सामान्य जीवन में आप 5 से 12 चक्रों से शुरुआत कर सकते हैं।

Q5: अगर मेरे स्कूल में कार्यक्रम नहीं है, तो मैं क्या करूँ?

Ans: वैसे तो सभी स्कूलों में यह आयोजित होगा, लेकिन अगर किसी कारणवश नहीं होता है, तो आप अपने घर की छत या पास के पार्क में रेडियो पर प्रसारण सुनते हुए परिवार के साथ इसे कर सकते हैं।

Conclusion: युवा शक्ति का आह्वान (Call to Youth Power)

12 जनवरी 2026 को होने वाला यह सामूहिक सूर्य नमस्कार केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं है। यह एक आह्वान है देश के युवाओं के लिए—स्वस्थ बनने का, अनुशासित बनने का और स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत बनाने का।

जब लाखों युवा एक साथ, एक समय पर, एक लय में हाथ जोड़कर सूर्य को नमन करेंगे, तो उससे उत्पन्न होने वाली सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश को स्पंदित कर देगी।

तो क्या आप तैयार हैं इस महायज्ञ में अपनी आहुति देने के लिए? अपनी यूनिफॉर्म तैयार रखें, अपने मन को एकाग्र करें और 12 जनवरी की सुबह इतिहास का हिस्सा बनें।

जय हिन्द! जय युवा!

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