Veer Baal Diwas 2025: 26 दिसंबर को MP के स्कूलों में मनेगा शौर्य का पर्व, यहाँ देखें निबंध विषय और प्रतियोगिता की पूरी गाइड

Veer Baal Diwas 2025: मध्य प्रदेश और पूरे भारत में 26 दिसंबर का दिन एक ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व रखता है। भारत सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष 26 दिसंबर 2025 को ‘वीर बाल दिवस’ (Veer Baal Diwas) के रूप में अत्यंत भव्यता और गंभीरता से मनाने का निर्णय लिया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्य प्रदेश ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

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लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्य प्रदेश दिशा निर्देश

यदि आप एक छात्र, शिक्षक या अभिभावक हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें हम न केवल सरकारी आदेश की जानकारी देंगे, बल्कि छात्रों के लिए निबंध (Essay), भाषण (Speech) और पेंटिंग प्रतियोगिता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स और स्टडी मटेरियल भी उपलब्ध कराएंगे।

विषय सूची (Table of Contents) Veer Baal Diwas 2025

  1. वीर बाल दिवस: एक परिचय
  2. MP Board और DPI का आधिकारिक आदेश
  3. इतिहास: क्यों मनाया जाता है वीर बाल दिवस?
  4. आयु वर्ग के अनुसार गतिविधियां और प्रतियोगिताएं
  5. कक्षा 6 से 12 के छात्रों के लिए निबंध और भाषण गाइड
  6. शिक्षकों और स्कूलों के लिए विशेष निर्देश
  7. निष्कर्ष
  8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

वीर बाल दिवस: एक परिचय

Veer Baal Diwas 2025 का आयोजन केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह भारत के ‘अमृत काल’ में युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ने का एक महाअभियान है। 26 दिसंबर को पूरा राष्ट्र सिखों के दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी—की शहादत को नमन करेगा।

इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य भारत के बच्चों को यह बताना है कि वीरता, त्याग और देशप्रेम की कोई उम्र नहीं होती। जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, उस उम्र में साहिबजादों ने धर्म और न्याय के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।

MP Board और DPI का आधिकारिक आदेश

लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल (DPI MP) ने पत्र क्रमांक अकादमिक/सी/2025/2411, दिनांक 18 दिसंबर 2025 के माध्यम से प्रदेश के सभी शासकीय और निजी (Private) स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं।

आदेश के मुख्य बिंदु:

  • दिनांक: 26 दिसंबर 2025 को सभी स्कूलों में विशेष सभा और गतिविधियां होंगी।
  • सहभागिता: सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई (CBSE), और अन्य बोर्ड के स्कूलों को इसमें शामिल होना अनिवार्य है।
  • उद्देश्य: “विकसित भारत” के निर्माण में बच्चों की भूमिका को रेखांकित करना।
  • रिपोर्टिंग: स्कूलों को आयोजन की तस्वीरें और वीडियो गूगल ड्राइव पर अपलोड करने होंगे।

इतिहास: क्यों मनाया जाता है वीर बाल दिवस?

वीर बाल दिवस के महत्व को समझने के लिए हमें इतिहास के पन्नों को पलटना होगा। यह कहानी है अदम्य साहस और कभी न झुकने वाले स्वाभिमान की।

वर्ष 1704 में, जब मुगल सेना और पहाड़ी राजाओं ने आनंदपुर साहिब को घेर लिया था, तब गुरु गोबिंद सिंह जी को किला छोड़ना पड़ा। सरसा नदी के किनारे हुए भीषण युद्ध में गुरु जी का परिवार बिछड़ गया। उनके दो छोटे बेटे, साहिबजादा जोरावर सिंह (मात्र 9 वर्ष) और साहिबजादा फतेह सिंह (मात्र 7 वर्ष), अपनी दादी माता गुजरी जी के साथ रह गए।

उन्हें सरहिंद के नवाब वजीर खान ने गिरफ्तार कर लिया। नवाब ने उन नन्हे बालकों को इस्लाम कबूल करने के लिए लालच दिया, डराया और धमकाया। उन्हें कड़कड़ाती ठंड में ठंडे बुर्ज में रखा गया। लेकिन गुरु के उन सिंहों ने अपना धर्म और स्वाभिमान छोड़ने से साफ इनकार कर दिया।

अंततः, 26 दिसंबर को वजीर खान ने उन दोनों मासूम बच्चों को जीवित ही दीवारों में चुनवा दिया। यह शहादत इतिहास में अद्वितीय है। इसी सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में भारत सरकार ने 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ घोषित किया है।

आयु वर्ग के अनुसार गतिविधियां और प्रतियोगिताएं

शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों की मानसिक समझ और उम्र के अनुसार प्रतियोगिताओं को तीन वर्गों में विभाजित किया है। आप अपनी कक्षा के अनुसार Veer Baal Diwas 2025 अपनी तैयारी शुरू कर सकते हैं।

1. नन्हे वीरों के लिए (आयु वर्ग 3-6 वर्ष)

प्री-प्राइमरी और पहली-दूसरी कक्षा के बच्चों के लिए गतिविधियां सरल और मनोरंजक रखी गई हैं:

  • चित्रकारी (Drawing/Painting): बच्चे अपनी कल्पना के रंग भरेंगे।
  • खेल गतिविधियाँ (Sports): छोटे-मोटे खेल जो टीम वर्क सिखाते हैं।
  • कहानी सुनाना (Story Telling): शिक्षक या माता-पिता बच्चों को वीरों की कहानियां सुनाएंगे।

2. बाल वर्ग (आयु वर्ग 6-10 वर्ष)

कक्षा 3 से 5 तक के बच्चों के लिए रचनात्मकता पर जोर दिया गया है।

गतिविधियां: चित्रकला, निबंध लेखन, और कहानी सुनाना।

निबंध और चित्रकला के विषय (Topics):

  1. मेरे सपनों का भारत (My Dream for India): बच्चे कैसा भारत चाहते हैं?
  2. वह भारत जो मैं देखना चाहता हूँ: सफाई, हरियाली और खुशहाली पर केंद्रित।
  3. दूसरों की मदद करना मेरी महाशक्ति है (My Superpower to Help Others): दया और सहयोग पर विचार।
  4. मेरी संस्कृति के रंग (Colours of My Culture): भारतीय त्योहार और परंपराएं।
  5. मेरे आस-पास के नायक: शिक्षक, माता-पिता, सफाई कर्मी या मित्र।

3. किशोर वर्ग (आयु वर्ग 11-18 वर्ष) – सबसे महत्वपूर्ण

कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों के लिए यह वर्ग सबसे महत्वपूर्ण है। यहाँ विषयों का स्तर ऊँचा रखा गया है ताकि छात्र ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना कर सकें।

प्रतियोगिताएं: निबंध, कविता, वाद-विवाद (Debate), और डिजिटल प्रेजेंटेशन।

Veer Baal Diwas 2025 प्रतियोगिता के लिए हॉट टॉपिक्स (Hot Topics):

  • राष्ट्र निर्माण में बच्चों की भूमिका।
  • विकसित भारत के लिये मेरा दृष्टिकोण।
  • साहस और करुणा: एक नायक क्या बनाता है? (भारत के इतिहास से वीरता की कहानियाँ)।
  • डिजिटल इंडिया: युवाओं के लिए अवसर।
  • स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत।
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ – सशक्तिकरण की ओर।
  • आत्मनिर्भर भारत और इनोवेशन।
  • वोकल फॉर लोकल।
  • स्किल इंडिया मिशन।
  • अमृत काल: कल के भारत का निर्माण।

कक्षा 6 से 12 के छात्रों के लिए निबंध और भाषण गाइड

अगर आप स्कूल स्तर पर प्रथम पुरस्कार जीतना चाहते हैं, तो यहाँ हम Veer Baal Diwas 2025 के 3 प्रमुख विषयों पर विस्तृत गाइड दे रहे हैं। आप इनका उपयोग अपने निबंध या भाषण को तैयार करने में कर सकते हैं।

विषय 1: साहस और करुणा – साहिबजादों की वीरता (Courage and Compassion)

प्रस्तावना:

निबंध की शुरुआत एक ओजस्वी पंक्ति से करें: “सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तुड़ाऊं, तबे गोबिंद सिंह नाम कहाऊं।” वीर बाल दिवस हमें याद दिलाता है कि साहस शरीर की उम्र नहीं, बल्कि मन की शक्ति से आता है।

मुख्य भाग:

साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह की कहानी का वर्णन करें। बताएं कि कैसे उन्होंने मौत के डर के सामने भी सत्य का मार्ग नहीं छोड़ा। इसे आज के संदर्भ में जोड़ें—आज हमें दीवारों में नहीं चुना जा रहा, लेकिन हमें समाज की बुराइयों (नशा, भेदभाव, अन्याय) के खिलाफ खड़े होने का साहस दिखाना है। करुणा का अर्थ है दूसरों के दर्द को समझना, जैसा कि गुरुओं ने सिखाया।

निष्कर्ष:

अंत में शपथ लें कि हम उन बाल वीरों के आदर्शों पर चलकर एक निडर और दयालु नागरिक बनेंगे।

विषय 2: विकसित भारत के लिए मेरा दृष्टिकोण (My Vision for a Developed India)

प्रस्तावना:

भारत 2047 तक एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनने की ओर अग्रसर है। वीर बाल दिवस पर हमें यह सोचने की जरूरत है कि उस भारत की तस्वीर कैसी होगी।

मुख्य विचार बिंदु:

  • शिक्षा और कौशल: रटने वाली शिक्षा के बजाय कौशल (Skill) आधारित शिक्षा हो।
  • तकनीक: भारत डिजिटल क्षेत्र में विश्व गुरु बने।
  • स्वास्थ्य: हर नागरिक को बेहतर इलाज मिले।
  • आत्मनिर्भरता: हम दूसरे देशों पर निर्भर न रहें, बल्कि दुनिया को निर्यात करें।
  • समानता: जाति और धर्म के भेदभाव से मुक्त समाज।

निष्कर्ष:

लिखें कि “विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा है जब तक हम बच्चे अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते। हम ही कल के वैज्ञानिक, सैनिक और नेता हैं।”

विषय 3: राष्ट्र निर्माण में बच्चों की भूमिका (Role of Children in Nation Building)

प्रस्तावना:

बच्चे देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं। एक अनुशासित छात्र ही एक अनुशासित नागरिक बनता है।

मुख्य विचार बिंदु:

  • छोटी शुरुआत: बिजली बचाना, पानी बचाना, और कचरा न फैलाना भी राष्ट्र निर्माण है।
  • शिक्षा: मन लगाकर पढ़ना देश की सबसे बड़ी सेवा है।
  • नवाचार (Innovation): नए विचारों के साथ आना।
  • सामाजिक समरसता: अपने साथियों के साथ प्रेम से रहना।

निष्कर्ष:

“हमें वीर बालकों से प्रेरणा लेकर, छोटे-छोटे प्रयासों से देश को महान बनाना है।”

शिक्षकों और स्कूलों के लिए विशेष निर्देश

DPI मध्य प्रदेश ने स्कूलों के लिए कुछ विशिष्ट निर्देश दिए हैं, जिनका पालन अनिवार्य है:

  1. PMRBP विजेताओं का सत्र:स्कूलों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) विजेताओं की प्रेरक कहानियां छात्रों को सुनानी होंगी। यह सत्र प्रार्थना सभा (Morning Assembly) में या कक्षाओं में आयोजित किया जा सकता है। इसका उद्देश्य बच्चों को बताना है कि आज के दौर में भी बच्चे अद्भुत कार्य कर रहे हैं।
  2. ऑनलाइन रिपोर्टिंग:स्कूलों को आयोजित की गई सभी गतिविधियों (निबंध, पेंटिंग, खेल) की तस्वीरें (Photos) और संक्षिप्त रिपोर्ट विभाग द्वारा जारी Google Drive Link पर अपलोड करनी होगी।
    • नोट: लिंक आधिकारिक आदेश में दिया गया है और जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा स्कूलों को साझा किया गया है।
  3. समावेशी आयोजन:विभाग ने विशेष रूप से जोर दिया है कि इन गतिविधियों में सभी बच्चों को शामिल किया जाए, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) को भी इसे धूमधाम से मनाने के निर्देश हैं।
  4. नवाचार (Innovation):स्कूल केवल सुझाई गई गतिविधियों तक सीमित न रहें। वे स्थानीय संस्कृति और संसाधनों के अनुसार नए तरह के कार्यक्रम भी आयोजित कर सकते हैं।

निष्कर्ष

Veer Baal Diwas 2025 हमें याद दिलाता है कि हमारा इतिहास त्याग और बलिदान की नींव पर खड़ा है। साहिबजादों की शहादत कोई पुरानी कहानी नहीं, बल्कि आज के युवाओं के लिए एक ‘लाइटहाउस’ है जो उन्हें सही रास्ता दिखाती है।

मध्य प्रदेश के सभी छात्रों से हमारा आग्रह है कि 26 दिसंबर को स्कूल जरूर जाएं और इन प्रतियोगिताओं में भाग लें। चाहे आप कलम से निबंध लिखें या ब्रश से पेंटिंग बनाएं—आपकी हर कृति उन महान साहिबजादों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें कि हम अपने देश, अपनी संस्कृति और अपने मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: वीर बाल दिवस 2025 किस तारीख को मनाया जाएगा?

Ans: वीर बाल दिवस प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में भी यह इसी तारीख को पूरे देश में मनाया जाएगा।

Q2: वीर बाल दिवस मनाने का मुख्य कारण क्या है?

Ans: यह दिवस गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह जी (9 वर्ष) और बाबा फतेह सिंह जी (7 वर्ष)—की शहादत और बलिदान के सम्मान में मनाया जाता है।

Q3: क्या वीर बाल दिवस पर स्कूलों में अवकाश (Holiday) रहता है?

Ans: नहीं, यह एक कार्य दिवस है। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार इस दिन स्कूलों में बच्चों के लिए विशेष गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, इसलिए स्कूल खुले रहेंगे।

Q4: मैं कक्षा 10वीं का छात्र हूँ, मेरे लिए सबसे अच्छा निबंध का विषय क्या है?

Ans: कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए “राष्ट्र निर्माण में बच्चों की भूमिका” या “विकसित भारत के लिये मेरा दृष्टिकोण” सबसे बेहतरीन विषय हैं। आप “साहस और करुणा” विषय पर ऐतिहासिक संदर्भ के साथ भी लिख सकते हैं।

Q5: प्रतियोगिता की तस्वीरें कहाँ अपलोड करनी हैं?

Ans: स्कूलों को कार्यक्रम की तस्वीरें और रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई Google Drive लिंक पर अपलोड करनी हैं। यह लिंक आपके स्कूल के प्राचार्य के पास उपलब्ध होगा।

Q6: क्या यह प्रतियोगिता केवल सरकारी स्कूलों के लिए है?

Ans: जी नहीं, यह आदेश शासकीय (Government) और अशासकीय (Private) दोनों प्रकार के विद्यालयों के लिए लागू है। सभी को इसे मनाना है।

Q7: पीएमआरबीपी (PMRBP) क्या है?

Ans: PMRBP का अर्थ है Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार)। वीर बाल दिवस पर इन पुरस्कार विजेताओं की कहानियां बच्चों को प्रेरित करने के लिए सुनाई जाती हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मध्य प्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय और भारत सरकार द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस और सर्कुलर पर आधारित है। अधिकृत जानकारी के लिए छात्र अपने स्कूल प्रशासन से संपर्क करें।

*(लेखक: MP Board Team | स्रोत: DPI Circular Dec

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